राजस्थान सरकार के वित्त (मार्गोपाय) विभाग ने सभी संबंधित विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, निगमों, विश्वविद्यालयों और समितियों को अपने बैंक खातों की मैपिंग अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया Integrated Financial Management System (IFMS 3.0) के Bank Disbursement Engine (BDE) मॉड्यूल के तहत पूरी की जानी है। विभाग द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद सभी स्तरों पर मैपिंग का कार्य पूरा न होने के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है।
खातों की समेकित जानकारी भेजने की प्रक्रिया
विभाग के निर्देशों के अनुसार, संबंधित संस्थानों को अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आने वाले सभी सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं, निगमों और विश्वविद्यालयों के बचत, चालू, सावधि जमा या अन्य खातों का विवरण निर्धारित MS-Excel प्रारूप में तैयार करना होगा। यह समेकित सूचना निर्धारित ईमेल पते aowm@rajasthan.gov.in पर तीन दिनों के भीतर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विवरण में संस्था का नाम, बैंक खाते का प्रकार, 30 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार शेष राशि, तथा IFMS 3.0 BDE मॉड्यूल से मैपिंग की स्थिति (हाँ या ना) स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
लेखा एकीकरण और अनुपालन की अनिवार्यता
राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी सर्कुलर के अनुसार, IFMS 3.0 पर ‘बैंक अकाउंट रजिस्ट्रेशन’ और ‘बैंक बैलेंस मेंटेनेंस’ की प्रक्रिया लागू की जा चुकी है। सरकारी कामकाज से जुड़ी सभी बैंकों और राज्य से फंड प्राप्त करने वाली संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपने दैनिक लेनदेन, खाता विवरण और शेष राशि की जानकारी पोर्टल पर साझा करें। यदि कोई बैंक दैनिक आधार पर यह जानकारी साझा करने में विफल रहता है, तो वित्त विभाग सरकारी कामकाज के लिए ऐसे बैंकों या बैंक खातों के डी-एम्पैनेलमेंट पर विचार कर सकता है।
प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- सभी प्रशासनिक विभागों और संबंधित कार्यालयों को अपने सभी बैंक खातों की मैपिंग समय पर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- निदेशालय कोष एवं लेखा विभाग को इस कार्य के लिए क्षमता निर्माण और नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
- कलेक्टरों, संभाग आयुक्तों, ट्रेजरी अधिकारियों और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतियां भेजी गई हैं।
वित्त विभाग ने सभी संबंधित पक्षों को इस कार्य को उच्च प्राथमिकता देने और निर्धारित समयावधि में अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है ताकि सरकारी वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे।
प्राथमिक स्रोत: यह स्वतंत्र समाचार-सार Rajasthan Finance Department की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए मूल दस्तावेज पढ़ें।



